महिला श्रमिकों के स्वास्थ्य पर विशेष फोकस, हीमोग्लोबिन, शुगर और ईसीजी समेत कई जांचें; चिकित्सकों ने दिए जरूरी परामर्श
स्वतंत्र हित संवाददाता
कानपुर। श्रमिकों को कार्यस्थल पर ही सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से श्रम सेवा अभियान के तहत मंगलवार को गोल्डी मसाले फैक्ट्री में मेगा स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में करीब 1500 श्रमिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। बड़ी संख्या में महिला श्रमिकों की विशेष स्वास्थ्य जांच की गई।
शिविर का शुभारंभ जिलाधिकारी कानपुर नगर, मुख्य चिकित्साधिकारी, विकास अधिकारी, अपर श्रम आयुक्त तथा कर्मचारी राज्य बीमा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बबीता कुमारी की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान अधिकारियों और चिकित्सकों ने श्रमिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया तथा नियमित जांच को गंभीरता से लेने की सलाह दी।
शिविर में महिला श्रमिकों के स्वास्थ्य को विशेष प्राथमिकता दी गई। उनके हीमोग्लोबिन और एनीमिया, ब्लड शुगर, ईसीजी समेत विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। जांच के बाद चिकित्सकों ने श्रमिकों को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श और बचाव के उपाय बताए।
चिकित्सकों ने श्रमिकों को एनीमिया से बचाव के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार लेने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा मधुमेह समेत अन्य बीमारियों से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने श्रमिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं सुनीं और आवश्यक सलाह भी दी।
इस मौके पर अधिकारियों ने कहा कि स्वस्थ श्रमिक ही मजबूत और उत्पादक कार्यबल की बुनियाद हैं। कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से बीमारियों की समय रहते पहचान हो सकती है और श्रमिकों को उचित उपचार एवं चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिल सकता है।
मेगा स्वास्थ्य शिविर के आयोजन में श्रम विभाग, कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सा सेवाओं की टीम और गोल्डी मसाले फैक्ट्री प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिविर के जरिए श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के साथ ही उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।


