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बलरामपुर मेमोरियल हॉस्पिटल मार्ग पर अतिक्रमण और मेडिकल कचरे से बढ़ी मुसीबत

मोहम्मद तौफीक 

बलरामपुर। नगर में मेमोरियल हॉस्पिटल और महिला हॉस्पिटल को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग इस समय बदहाली की तस्वीर बन चुका है। सड़क किनारे बनी नालियाँ पूरी तरह से अतिक्रमण और साइन बोर्डों के कब्ज़े में हैं। हालात यह हैं कि नालियाँ ही नहीं, आवागमन तक बाधित हो रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जहाँ नगर पालिका बलरामपुर के कई क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही कर रही है, वहीं जहाँ इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, वहाँ ध्यान नहीं दिया जा रहा। यही कारण है कि नगरपालिका की स्थापना से लेकर अब तक इस मार्ग पर अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई — जो अपने आप में प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही को उजागर करता है।

यही नहीं, इलाके में मेमोरियल हॉस्पिटल होने के कारण प्राइवेट हॉस्पिटल नर्सिंग हॉम पैथलोजी अल्ट्रासाउंड सेंटर बड़ी संख्या मे हैं और इनसे निकलने वाला मेडिकल कचरा खुलेआम सड़क पर फेंका जा रहा है। यह न केवल बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स का उल्लंघन है, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरनाक है। मेडिकल वेस्ट खुले में डालने पर संक्रमण का खतरा बढ़ता है और यह जुर्माने व कानूनी कार्रवाई की श्रेणी में आता है। इन्ही रास्तो से स्कूल के छोटे मासूम बच्चों का स्कूलों का आना जाना रहता है।

लोगों का कहना है कि इस रास्ते से गुजरना अब दुस्वार ही नहीं बल्कि खतरनाक हो गया है। नालियों के ऊपर अतिक्रमण, कचरे के ढेर और बदबू से आमजन और मरीज दोनों परेशान हैं।

प्रश्न यही है कि—आख़िर नगर पालिका और स्वास्थ्य विभाग कब तक चुप्पी साधे रहेंगे? क्या प्रशासन इस समस्या का संज्ञान लेकर कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर यह हालात ऐसे ही बने रहेंगे?

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