Breaking News
⚡ बड़ी खबर
कानपुर नगर निगम में हंगामा: भाजपा पार्षद ने की आत्महत्या की कोशिश●कानपुर में विवाद ने लिया खूनी रूप, मारपीट में युवक की मौत●सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर NSUI कानपुर ग्रामीण ने किया नमन●आजम खान जेल से बाहर निकले ही थे कि ED ने हिरासत में ले लिया, जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई●कुटुम्ब परिवार ने धूमधाम से मनाई सरदार पटेल की 151वीं जयंती, राष्ट्रीय एकता का दिया संदेश●<span class='secondary-title'>जनगणना 25 जनवरी से 28 फरवरी के बीच</span>: यूपी समेत पांच राज्यों में अभी नहीं होगी गिनती●पुल से छलांग लगाने की तैयारी में थी महिला फरिश्ता बनकर पहुंचे ट्रैफिक सिपाही कपिल●बारिश के बीच श्रद्धालुओं के लिए सहारा बना प्रशासन डीएम एसएसपी ने संभाली व्यवस्था●कांग्रेस नेता आनंद शुक्ला उर्फ राजा भैया का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया●निरंकुश ई रिक्शा चालक, बेखौफ वसूलीबाज़, मूकदर्शक पुलिस, परेशान सिर्फ जनता●

नए UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, CJI सूर्यकांत ने उठाए गंभीर सवाल

संवाददाता/सुशील निगम 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने नियमों को लेकर केंद्र सरकार से कई अहम सवाल किए और शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक एकता बनाए रखने पर जोर दिया।

CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश अब तक जातिविहीन समाज की दिशा में आगे बढ़ा है, ऐसे में यह चिंता का विषय है कि क्या नए नियम समाज को फिर से विभाजन की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक भी होने चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने SC/ST छात्रों के लिए अलग हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं पर भी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं से अलगाव की भावना को बढ़ावा मिल सकता है। CJI ने यह भी कहा कि आरक्षित वर्गों के भीतर भी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा अंतर है—कुछ लोग आज संपन्न हो चुके हैं, जबकि कुछ अन्य वर्ग अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

उधर, UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण जाति के छात्रों और आम नागरिकों के बीच विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नियम शिक्षा व्यवस्था में समानता की बजाय विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं और इससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की रोक के चलते नए UGC नियमों पर अमल स्थगित रहेगा। अदालत ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अब मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि ये नियम संविधान की भावना और सामाजिक संतुलन के अनुरूप हैं या नहीं।

  • Related Posts

    जनगणना 25 जनवरी से 28 फरवरी के बीच: यूपी समेत पांच राज्यों में अभी नहीं होगी गिनती

    स्वतंत्र हित/ संवाददाता नई दिल्ली। देश में जनगणना की प्रक्रिया 25 जनवरी से 28 फरवरी के बीच पूरी की जाएगी। हालांकि, इस चरण में उत्तर प्रदेश को शामिल नहीं किया…

    दिल्ली शराब नीति केस में केजरीवाल और सिसोदिया बरी,

    कोर्ट ने कहा- ‘CBI का केस सिर्फ अनुमानों पर टिका था’ स्वतंत्र हित विपिन दीक्षित  नई दिल्ली | दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय राजनीति के सबसे…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *