स्वतंत्र हित/संवाददाता
कानपुर। लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इसी क्रम में बर्रा स्थित सचान चौराहे पर कुटुम्ब परिवार के सदस्यों ने पहुंचकर सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की और नमन किया।
सरदार पटेल का परिचय: उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उन्हें आज़ाद भारत की 560 से अधिक रियासतों के ऐतिहासिक एकीकरण और ‘अखंड भारत’ के निर्माण का श्रेय दिया जाता है।
इस अवसर पर कुटुम्ब परिवार के संरक्षक सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के निर्माता थे। 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर उन्होंने अखंड भारत का सपना साकार किया, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।
संरक्षक संदीप सचान ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन त्याग, दृढ़ इच्छाशक्ति और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए कार्य करना चाहिए।
अध्यक्ष आशीष त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल ने किसानों और आम जनमानस के हक की लड़ाई लड़ी। उनका लौह नेतृत्व हमें सिखाता है कि यदि इरादे मजबूत हों तो कोई भी बाधा राष्ट्र निर्माण को रोक नहीं सकती।
सदस्य प्रशांत त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता और प्रशासनिक कौशल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा। आज राष्ट्रीय एकता दिवस पर हमें उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
इस दौरान सुरेश त्रिपाठी, संदीप सचान, आशीष त्रिपाठी, प्रशांत त्रिपाठी, संगीत तिवारी, एस.पी. गुप्ता, अविनाश साहू, जितेंद्र भदौरिया, आदित्य चौधरी, अमन गुप्ता, आशीष गुप्ता सहित कुटुम्ब परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।


