Breaking News
October 20, 2026 8:39 am
News
स्पष्टीकरण एवं खेद प्रकाशनप्रो. सुधांशु पांड्या बने सीएसजेएमयू के प्रति कुलपतिकानपुर में गांधी जयंती पर ‘महासफाई’ या सिर्फ ढिंढोरा? तस्वीरें खोल रही हैं अभियान की पोल!विन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट, रॉबिन हुड आर्मी एवं रेड क्रॉस सोसाइटी ने लगाया शिविरवाहन पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर गांजा तस्करी से जुड़े 02 अभियुक्त गिरफ्तारदुष्कर्म के दोषी बबुन्दर को 10 वर्ष का सश्रम कारावासगोल्डी मसाले फैक्ट्री में लगा मेगा स्वास्थ्य कैंप, 1500 श्रमिकों की हुई जांचतिलियाकोट में एक मां अपने बेटे की सलामती को लेकर परेशानटीसीआई फाउंडेशन ने सूर्या होटल में आयोजित किया सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमसर्विस रोड पर ट्रक-डंपरों का कब्जा, जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं?

बिना मान्यता संचालित स्कूलों पर गिरी गाज, बंद कराने के लिए टीम गठित।

मोहम्मद तौफीक 

बलरामपुर | जनपद में बिना मान्यता प्राप्त, अनियमित और अवैध रूप से संचालित स्कूलों और कक्षाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल के निर्देश पर ऐसे स्कूलों को तत्काल बंद कराने के लिए जांच एवं कार्रवाई हेतु तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है।

यह निर्णय शासनादेश संख्या-575/68-3-2018-2041/2023 तथा शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश लखनऊ के पत्र संख्या 18542/639/2025-26 दिनांक 01 जुलाई 2025 के अनुपालन में लिया गया है। उक्त आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिले में बिना मान्यता के संचालित हो रहे प्राइमरी एवं जूनियर हाईस्कूलों को चिन्हित कर बंद कराया जाए।

जारी आदेश के अनुसार जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति में निम्न अधिकारी शामिल हैं:
1. संबंधित तहसील के उप जिलाधिकारी – अध्यक्ष,2. संबंधित थाना अध्यक्ष – सदस्य,3. संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी – सदस्य सचिव

जिलाधिकारी द्वारा समिति को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों की भौतिक जांच कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित न हो रहा हो। यदि ऐसा कोई विद्यालय पाया जाता है तो उसे तत्काल बंद कराते हुए, उसके विरुद्ध शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इसके साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, शुभम शुक्ला द्वारा भी एक अलग आदेश जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि यदि भविष्य में जिले में बिना मान्यता विद्यालय,अमान्य कक्षा,वाले स्कूलों का संचालन पाया गया, तो संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जा सकती है।

इस संदर्भ में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गठित टीम के साथ समन्वय स्थापित कर स्कूलों की जांच करें और अपने विकास खंड में संचालित समस्त विद्यालयों की भौतिक सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। यह कार्रवाई शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था को अनुशासित व पारदर्शी बनाया जा सके।

  • Related Posts

    स्पष्टीकरण एवं खेद प्रकाशन

    प्रो. सुधांशु पांड्या को कुलपति का अतिरिक्त प्रभार देने संबंधी खबर में हुई त्रुटि पर स्वतंत्र हित अखबार ने जताया खेद स्वतंत्र हित संवाददाता कानपुर। स्वतंत्र हित अखबार में 15…

    प्रो. सुधांशु पांड्या बने सीएसजेएमयू के प्रति कुलपति

    स्वतंत्र हित  विपिन सागर कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में प्रो. सुधांशु पांड्या को प्रति कुलपति नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद वह विश्वविद्यालय में…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *