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शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप, कोर्ट के आदेश पर FIR के बाद भी गिरफ्तारी नहीं

अभियुक्त पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप

स्वतंत्र हित / सत्य पाल सिंह

लखनऊ/दुबग्गा थाना क्षेत्र की करीब 35 वर्षीय महिला ने काकोरी के पुरैना निवासी अभिषेक राजपूत पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, धोखे से शादी करने और बाद में दूसरी महिला को अपनी पत्नी बताने का आरोप लगाया है। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर उसे और उसके दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी दी गई। इतना ही नहीं, एक अन्य व्यक्ति की मदद से तमंचे के बल पर धमकाकर उसके साथ जबरदस्ती करने और वीडियो बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में न्यायालय के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है।
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2022 में उसके घर के सामने रहने वाले रिंकू के यहां अभिषेक राजपूत पुत्र मदनपाल, निवासी ग्राम पुरैना, थाना काकोरी का आना-जाना था। इसी दौरान अभिषेक से उसकी बातचीत शुरू हुई। आरोप है कि धीरे-धीरे दोनों के बीच जान-पहचान बढ़ी और अभिषेक ने उससे शादी करने का प्रस्ताव रखा। महिला ने बताया कि उसके दो बच्चे हैं, जिस पर अभिषेक ने दोनों बच्चों की जिम्मेदारी लेने और उससे शादी करने की बात कही।
तहरीर के मुताबिक, जून 2024 में महिला जब घर पर अकेली थी, तभी अभिषेक उसके घर आया और उसे मिठाई खिलाई। आरोप है कि मिठाई खाने के बाद वह बेहोश हो गई। महिला का आरोप है कि इसी दौरान अभिषेक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। होश में आने के बाद विरोध करने पर अभिषेक ने उससे शादी करने का आश्वासन दिया, जिसके चलते उसने घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं दी। पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद भी अभिषेक ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
महिला के मुताबिक, जनवरी 2025 में शादी के लिए दबाव बनाने पर 20 जनवरी 2025 को बुद्धेश्वर मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से दोनों ने विवाह किया। आरोप है कि शादी के बाद अभिषेक ने उसे यह बात किसी को न बताने के लिए कहा और परिवार को मनाने के बाद उसे अपने घर ले जाने का भरोसा देता रहा।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि 14 जून 2026 को उसने अभिषेक का मोबाइल देखा तो उसमें एक महिला के साथ उसकी तस्वीर मिली। पूछताछ करने पर अभिषेक ने कथित तौर पर बताया कि वह उसकी पत्नी सरोजनी है। इस पर पीड़िता ने शादी को लेकर सवाल किया तो आरोप है कि अभिषेक ने उसे और उसके दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी दी।

तमंचे के बल पर धमकाकर जबरदस्ती करने का आरोप

पीड़िता ने 13 जून 2026 की घटना का भी जिक्र किया है। उसके अनुसार, वह काकोरी मोड़ स्थित संगम ग्रीन सिटी कार्यालय में प्लॉटिंग का काम देखती है। दोपहर करीब तीन बजे अभिषेक अपने एक दोस्त के साथ थार गाड़ी से कार्यालय पहुंचा और प्लॉट दिखाने के बहाने उसे अपने साथ बैठा लिया। आरोप है कि गाड़ी को प्लॉटिंग साइट की बजाय आगरा सर्विस लेन की ओर मोड़ दिया गया।
महिला के मुताबिक, विरोध करने पर अभिषेक के साथी ने तमंचा उसके सिर पर लगा दिया और शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद गाड़ी के अंदर अभिषेक ने उसके साथ जबरदस्ती की और उसके दोस्त ने वीडियो बना लिया। पीड़िता का आरोप है कि वीडियो ऑनलाइन वायरल करने की धमकी देते हुए उसे काकोरी मोड़ के पास छोड़ दिया गया।
पहले पुलिस से शिकायत, कार्रवाई न होने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसने घटना की शिकायत पहले थाना पारा में की थी, लेकिन वहां से उसे बताया गया कि घटना दुबग्गा थाना क्षेत्र की है। आरोप है कि कई दिनों तक उसे टालने के बाद 28 जुलाई को दुबग्गा थाने में शिकायत करने के लिए कहा गया।
इसके बाद महिला ने 31 जुलाई 2026 को आईजीआरएस के माध्यम से पुलिस आयुक्त लखनऊ, थाना प्रभारी दुबग्गा और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत की जांच के दौरान उसके पक्ष में कार्रवाई करने के बजाय मामले का निस्तारण कर दिया गया। इसके बाद 4 अगस्त को थाने से फोन कर उसे बुलाया गया और कथित तौर पर सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर वापस भेज दिया गया। महिला ने इसके बाद 7 अगस्त को रजिस्टर्ड डाक से दोबारा शिकायत भेजी।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर, गिरफ्तारी न होने का आरोप
पीड़िता ने इसके बाद न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद थाना दुबग्गा पुलिस ने अभिषेक राजपूत और उसके अज्ञात साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पीड़िता का कहना है कि करीब 10 दिन पूर्व एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अभी तक अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी नहीं होने के कारण अभियुक्त के हौसले बुलंद हैं। वह लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहा है और उसे जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़िता ने पुलिस से अभियुक्त की शीघ्र गिरफ्तारी करने के साथ ही अपनी और अपने दोनों बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग की है।
पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जानी है।

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