Breaking News
September 2, 2026 11:29 am
News
कानपुर में प्लेन क्रैश, दोनों पायलटों की मौतपीएसी स्टेट बैंड 35 वीं वाहिनी द्वारा जनेश्वर मिश्र व डा० राममनोहर लोहिया पार्क में देश भक्ति की धुनों की हुई शानदार प्रस्तुति पॉपसरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र ही नहीं बल्कि प्रदेश में अलग पहचान रखते हैं विधायक राजेश्वर सिंह18 दिन बाद कानपुर पहुंचा मर्चेंट नेवी अधिकारी सागर गुप्ता का पार्थिव शरीरहरित पुस्तकालय: ज्ञान, पर्यावरण और भविष्य का नया संगमउन्नाव के एआरटीओ दफ्तर में फर्जीवाड़े का ‘बम…नो वेंडिंग जोन से हटाए गए 19 पथ विक्रेता,पालिका ने वेंडिंग जोन में किया प्रतिस्थापिततेज रफ्तार टैक्टर ने कार में मारी टक्कर, दो युवक गंभीर रूप से घायलसिकंदरपुर में महाराणा प्रताप की स्मृति में निकाली गई भव्य विशाल रैली, उमड़ा जनसैलाबएक करोड़ 27 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, मुंबई से आरोपी गिरफ्तार

रात में सिर्फ करते सामान्य प्रसव, ऑपरेशन वाले मरीज कर रहे रेफर

आलम खान/ के के शर्मा

उरई। जिला महिला अस्पताल में रात में सीजेरियन ऑपरेशन न के बराबर होते है। इसके कारण रात में अधिकांश सर्जन ऑपरेशन से परहेज करते है। इसकी वजह से मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। रात में सिर्फ सामान्य प्रसव ही होते है। जानकारों का कहना है कि रात में अस्पताल में दलाल सक्रिय हो जाते है और वह मरीजों व तीमारदारों को बरगला देते है कि रात में सरकारी अस्पताल में सेवाएं नहीं मिलती है।

महिला अस्पताल में डॉ. एमके वर्मा, डॉ. एके सिंह, डॉ. संजीव प्रभाकर व डॉ. फातिमा सर्जन के रूप में तैनात है। फातिमा इस समय अवकाश पर चल रही हैं। इसके अलावा इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के रूप में डॉ. काजल, डॉ. अभय और डॉ. मंजीत की तैनाती है। वैसे जिस सर्जन की दिन में ड्यूटी होती है, उसे ऑन काल रात में बुलाया जाता है। लेकिन अधिकांश मरीजों को केस गंभीर बताकर निजी अस्पताल या झांसी कानपुर जाने के लिए कह दिया जाता है।
महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुनीता बनौधा बताती हैं कि रात में मेडिकल कॉलेज में सर्जन की ऑन कॉल ड्यूटी लगाई गई है। सर्जन से कहा गया है कि रात में इमरजेंसी में तत्काल सेवाएं दें। किसी भी मरीज को रात में बेवजह रेफर नहीं किया जाता है।

वीआईपी मामले में ही रात को आते है चिकित्सक

उरई। जिला महिला अस्पताल में रात में सीजर केसों की संख्या न के बराबर है। रात में सर्जन को तभी बुलाया जाता है जब कोई वीआईपी केस होता है। वर्ना रात में आने वाले मरीजों को मामला गंभीर बताकर रेफर कर दिया जाता है। गुरुवार की रात नदीगांव नगर पंचायत क्षेत्र के छपियाना मोहल्ला निवासी मजदूर दंपती महिला अस्पताल पहुंचे। दीपू ने बताया कि उनकी पत्नी को सोना को प्रसव पीड़ा हुई। वह सीएचसी नदीगांव रात साढ़े आठ बजे पहुंचे तो उन्हें एंबुलेंस से जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। यहां साढ़े दस बजे महिला अस्पताल पहुंचे तो रात के स्टाफ ने मामला गंभीर बताकर मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी। रात में साढ़े तीन बजे मेडिकल कॉलेज में अस्पताल में सोना ने बेटी को जन्म दिया। जन्म के बाद चिकित्सक ने कहा कि बेटी की धड़कन में दिक्कत है और उसे कानपुर जाने की सलाह दी। बताया कि उन्हें 11 साल बाद संतान सुख मिला है। किसी तरह कानपुर पहुंचे तो उन्हें लखनऊ जाने को कहा गया। उनके पास इतने पैसे नहीं थे। इसलिए वह वापस आ गए। यहां महिला अस्पताल में फिर एसएनसीयू में भर्ती कर लिया है। चिकित्सक बेटी की हालत गंभीर बता रहे है। अब सब भगवान पर छोड़ दिया है।

  • Related Posts

    कानपुर में प्लेन क्रैश, दोनों पायलटों की मौत

    विपिन सागर ब्यूरो कानपुर कानपुर / गंगा किनारे एक विमान हादसे की घटना सामने आई है। हादसे में विमान में सवार दोनों पायलटों की मौत हो गई है। सूचना मिलते…

    पीएसी स्टेट बैंड 35 वीं वाहिनी द्वारा जनेश्वर मिश्र व डा० राममनोहर लोहिया पार्क में देश भक्ति की धुनों की हुई शानदार प्रस्तुति पॉप

    स्वतंत्र हित/ राहुल तिवारी लखनऊ। पीएसी के महानिदेशक अलोक सिंह के निर्देशानुसार बुधवार को स्वतन्त्रता दिवस सप्ताह के पावन पर्व के अवसर पर जनमानस में देशभक्ति, राष्ट्रीयता एवं कर्तव्यपरायणता की…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *