विपिन सागर
कानपुर। यूक्रेन में ड्रोन हमले के दौरान जान गंवाने वाले कानपुर के मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर बुधवार को 18 दिन बाद उनके शास्त्री नगर स्थित आवास पहुंचा। ताबूत में लिपटा बेटे का शव देखते ही परिवार के साथ साथ क्षेत्र में कोहराम मच गया। पत्नी, मां और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया और पूरे इलाके की आंखें नम हो गईं।
परिजनों का कहना है कि सागर गुप्ता ने संकट की घड़ी में दूसरों की जान बचाने का प्रयास करते हुए अपनी जान गंवाई।
सागर गुप्ता के घर पर बड़ी संख्या में रिश्तेदार, स्थानीय लोग और शुभचिंतक पहुंचे। इस बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने से इलाके में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई। स्थानीय लोगों के बीच इस बात की चर्चा रही कि दुख की इस घड़ी में राजनीतिक उपस्थिति बढ़ती नजर आई, जबकि परिवार की प्राथमिक चिंता सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना है।
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी भी परिवार के संपर्क में हैं और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। पूरे मामले पर अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हैं।


