नौबस्ता क्षेत्र में हाईवे किनारे वर्षों से चल रहा वाहनों की मरम्मत का कारोबार, हादसों का भी बना खतरा
स्वतंत्र हित / सुशील निगम
कानपुर। शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस और यातायात विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई के दावे किए जाते हैं। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर तत्काल क्रेन पहुंच जाती है और चालान की कार्रवाई भी होती है। लेकिन नौबस्ता थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे किनारे बनी सर्विस रोड का नजारा इन दावों पर सवाल खड़े करता दिखाई देता है।
प्रताप होटल से लेकर हरी बिल्डिंग और तिनसुकिया ट्रांसपोर्ट तक हाईवे किनारे बनी सर्विस रोड पर लंबे समय से ट्रक, डंपर और बड़े व्यावसायिक वाहनों का जमावड़ा बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि ट्रक बॉडी मेकर और वाहन मैकेनिकों ने सर्विस रोड के बड़े हिस्से को अपने कारोबार के लिए इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। सड़क पर खड़े भारी वाहनों और मरम्मत के दौरान फैले सामान के चलते आम वाहन चालकों के लिए रास्ता संकरा हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति कोई एक-दो दिन की नहीं, बल्कि कई वर्षों से बनी हुई है। दिनभर बड़े वाहनों की आवाजाही और सर्विस रोड पर वाहनों के खड़े रहने से यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। सवाल यह है कि यदि आम वाहन चालक कुछ देर के लिए सड़क किनारे वाहन खड़ा कर दे तो यातायात पुलिस की क्रेन तत्काल पहुंच जाती है, चालान काट दिया जाता है, लेकिन वर्षों से सर्विस रोड पर बड़े पैमाने पर खड़े रहने वाले ट्रक-डंपरों और वहां चल रहे वाहन मरम्मत के कारोबार पर कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई देती?
आम वाहन चालक पर सख्ती, बड़े कब्जों पर खामोशी क्यों?
शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी है, लेकिन सवाल कार्रवाई की समानता को लेकर है। यदि सड़क किनारे वाहन खड़ा करना नियमों के खिलाफ है तो फिर सर्विस रोड को लंबे समय तक भारी वाहनों की पार्किंग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर भी संबंधित विभागों को समान रूप से कार्रवाई करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर यातायात पुलिस और क्षेत्रीय पुलिस को हाईवे किनारे सर्विस रोड पर वर्षों से खड़े दिखाई दे रहे ये बड़े-बड़े वाहन नजर क्यों नहीं आ रहे? क्या संबंधित विभागों की ओर से इन गतिविधियों के लिए कोई अनुमति या विशेष व्यवस्था है? यदि नहीं, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
सर्विस रोड का उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना है, न कि उसे भारी वाहनों की पार्किंग और मरम्मत स्थल में बदल देना। ऐसे में स्थानीय लोगों ने संबंधित पुलिस एवं यातायात अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर सर्विस रोड को अतिक्रमण और अनधिकृत पार्किंग से मुक्त कराने की मांग की है।
अब देखने वाली बात यह है कि जिम्मेदार विभाग इस मामले को भी महज निरीक्षण और खानापूर्ति तक सीमित रखते हैं या फिर हाईवे किनारे वर्षों से जमे इस कथित कब्जे पर वास्तव में कार्रवाई करते हैं।


