स्वतंत्र हित /संवाददाता /विपिन शर्मा
लखनऊ | राजधानी के आशियाना थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक वीभत्स घटना सामने आई है। यहाँ सेक्टर-एल में एक बीकॉम छात्र ने अपने ही पिता की हत्या कर उनके शव के साथ हैवानियत की। आरोपी बेटे ने शव को ड्रम में छिपा दिया था। सोमवार शाम जब घर से असहनीय बदबू आने लगी, तब पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया।
गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा कर पुलिस को भटकाता रहा बेटा
मृतक की पहचान मानवेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो वर्धमान पैथोलॉजी के संचालक थे। हैरानी की बात यह है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने खुद 23 फरवरी को आशियाना थाने में अपने पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस बीते कुछ दिनों से मानवेंद्र की तलाश में जुटी थी, जबकि कातिल बेटा घर के अंदर ही पिता की लाश के साथ रह रहा था।
शव के साथ की दरिंदगी, ड्रम में मिला क्षत-विक्षत शव
पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम को मानवेंद्र के घर से तेज दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। तलाशी के दौरान पुलिस को घर के अंदर एक ड्रम में मानवेंद्र का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। आरोपी ने पहचान छिपाने या शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से शरीर के अंगों को भंग कर दिया था।
घर की स्थिति और परिवार
मृतक: मानवेंद्र सिंह (पैथोलॉजी संचालक)।
आरोपी: अक्षत प्रताप सिंह (बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र)।
अन्य सदस्य: घर में मानवेंद्र की कक्षा 12 में पढ़ने वाली बेटी भी रहती थी।
पृष्ठभूमि: मानवेंद्र की पत्नी का करीब 9 वर्ष पूर्व निधन हो चुका था।
“घटनास्थल से साक्ष्य जुटा लिए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के बेटे अक्षत को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हत्या की असल वजह का पता लगाया जा रहा है।”
— डीसीपी, मध्य क्षेत्र


