स्वतंत्र हित /संवाददाता
उन्नाव। जनपद की तहसील बीघापुर क्षेत्र में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक तकिया मेला सर्वधर्म समभाव और हिंदू-मुस्लिम एकता का सशक्त प्रतीक माना जाता है। सहस्र लिंगेश्वर महादेव मंदिर और मोहब्बत शाह बाबा की दरगाह परिसर में लगने वाला यह मेला 400 वर्षों से भी अधिक पुरानी परंपरा को संजोए हुए है, जहां हर वर्ष दूर-दराज से श्रद्धालु और दर्शक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
इस वर्ष के तकिया मेले में एक अनोखा आकर्षण लोगों के बीच खास चर्चा का विषय बना रहा। मेले में पहुंचा बेहद सुंदर सफेद घोड़ा ‘युवराज’ सभी के आकर्षण का केंद्र बना। युवराज को देखते ही लोग उसके साथ फोटो खिंचवाने के लिए उमड़ पड़े, जिससे मेले में अलग ही रौनक देखने को मिली।
घोड़े के मालिक कमलेश सिंह यादव, निवासी मढ़ौली, थाना किशनपुर, खागा (जनपद फतेहपुर) ने बताया कि युवराज की उम्र लगभग दो वर्ष तीन माह है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इसकी कीमत ढाई लाख से तीन लाख रुपये के बीच आंकी जा रही है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे युवराज बड़ा होगा, उसकी कद-काठी और सुंदरता और अधिक निखरकर सामने आएगी।
तकिया मेले में जहां धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और चादरपोशी के कार्यक्रमों से श्रद्धा का वातावरण बना रहा, वहीं युवराज जैसे अनोखे आकर्षणों ने मेले की शोभा को और बढ़ा दिया। आस्था, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश देता यह मेला एक बार फिर सामाजिक समरसता की मिसाल बनकर सामने आया।


