Breaking News
October 19, 2026 9:28 am
News
स्पष्टीकरण एवं खेद प्रकाशनप्रो. सुधांशु पांड्या बने सीएसजेएमयू के प्रति कुलपतिकानपुर में गांधी जयंती पर ‘महासफाई’ या सिर्फ ढिंढोरा? तस्वीरें खोल रही हैं अभियान की पोल!विन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट, रॉबिन हुड आर्मी एवं रेड क्रॉस सोसाइटी ने लगाया शिविरवाहन पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर गांजा तस्करी से जुड़े 02 अभियुक्त गिरफ्तारदुष्कर्म के दोषी बबुन्दर को 10 वर्ष का सश्रम कारावासगोल्डी मसाले फैक्ट्री में लगा मेगा स्वास्थ्य कैंप, 1500 श्रमिकों की हुई जांचतिलियाकोट में एक मां अपने बेटे की सलामती को लेकर परेशानटीसीआई फाउंडेशन ने सूर्या होटल में आयोजित किया सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमसर्विस रोड पर ट्रक-डंपरों का कब्जा, जिम्मेदारों की नजर क्यों नहीं?

परंपराओं और सौहार्द के संग पाटन का तकिया मेला शुरू, आल्हा गायन ने मोहा दर्शकों का मन

स्वतंत्र हित/ संवाददाता 

उन्नाव। जिले के पाटन क्षेत्र में लगने वाला प्रसिद्ध तकिया मेला गुरुवार को पारंपरिक विधि-विधानों के साथ शुरू हुआ। हिंदू–मुस्लिम एकता और सांझी संस्कृति का प्रतीक माना जाने वाला यह मेला पहले दिन से ही श्रद्धा, आस्था और उत्साह का केंद्र बना रहा। शुक्रवार को मेले के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ मेलाधिकारी/उपजिलाधिकारी रणवीर सिंह और तहसीलदार गणेश सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।

सांस्कृतिक मंच पर रायबरेली के प्रख्यात आल्हा गायक राजकुमार यादव मुख्य आकर्षण रहे। उन्होंने अपने साथी कलाकारों के साथ वीररस से भरपूर “कासवगढ़ की लड़ाई” प्रस्तुत कर पंडाल में बैठे हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी दमदार आवाज और युद्ध गीतों की धुन पर तालियों की गड़गड़ाहट देर तक गूंजती रही। प्रस्तुति के दौरान हर वर्ग के लोग पूरी तल्लीनता के साथ कार्यक्रम का आनंद लेते दिखे।

मेले में दोनों समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में पहुँचकर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि तकिया मेला वर्षों से भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रहा है। कार्यक्रम प्रभारी सुनील दीक्षित ने बताया कि यह मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, प्रकाश, पेयजल और यातायात की व्यापक व्यवस्थाएँ की गईं, जिसके कारण भीड़ होने के बावजूद लोगों में संतोष दिखाई दिया।

मंच पर तहसीलदार बीघापुर गणेश सिंह द्वारा प्रस्तुत आल्हा गायन को भी दर्शकों से भरपूर सराहना मिली। आयोजकों के अनुसार अगले दिनों में और भी आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम प्रभारी ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में अधिकारियों और पत्रकार एकादश के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन भी किया जाएगा।

  • Related Posts

    स्पष्टीकरण एवं खेद प्रकाशन

    प्रो. सुधांशु पांड्या को कुलपति का अतिरिक्त प्रभार देने संबंधी खबर में हुई त्रुटि पर स्वतंत्र हित अखबार ने जताया खेद स्वतंत्र हित संवाददाता कानपुर। स्वतंत्र हित अखबार में 15…

    प्रो. सुधांशु पांड्या बने सीएसजेएमयू के प्रति कुलपति

    स्वतंत्र हित  विपिन सागर कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू), कानपुर में प्रो. सुधांशु पांड्या को प्रति कुलपति नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद वह विश्वविद्यालय में…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *