स्वतंत्र हित/ संवाददाता
उन्नाव। जिले के पाटन क्षेत्र में लगने वाला प्रसिद्ध तकिया मेला गुरुवार को पारंपरिक विधि-विधानों के साथ शुरू हुआ। हिंदू–मुस्लिम एकता और सांझी संस्कृति का प्रतीक माना जाने वाला यह मेला पहले दिन से ही श्रद्धा, आस्था और उत्साह का केंद्र बना रहा। शुक्रवार को मेले के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ मेलाधिकारी/उपजिलाधिकारी रणवीर सिंह और तहसीलदार गणेश सिंह ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया।
सांस्कृतिक मंच पर रायबरेली के प्रख्यात आल्हा गायक राजकुमार यादव मुख्य आकर्षण रहे। उन्होंने अपने साथी कलाकारों के साथ वीररस से भरपूर “कासवगढ़ की लड़ाई” प्रस्तुत कर पंडाल में बैठे हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी दमदार आवाज और युद्ध गीतों की धुन पर तालियों की गड़गड़ाहट देर तक गूंजती रही। प्रस्तुति के दौरान हर वर्ग के लोग पूरी तल्लीनता के साथ कार्यक्रम का आनंद लेते दिखे।
मेले में दोनों समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में पहुँचकर सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि तकिया मेला वर्षों से भाईचारे और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक रहा है। कार्यक्रम प्रभारी सुनील दीक्षित ने बताया कि यह मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मंच है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा, प्रकाश, पेयजल और यातायात की व्यापक व्यवस्थाएँ की गईं, जिसके कारण भीड़ होने के बावजूद लोगों में संतोष दिखाई दिया।
मंच पर तहसीलदार बीघापुर गणेश सिंह द्वारा प्रस्तुत आल्हा गायन को भी दर्शकों से भरपूर सराहना मिली। आयोजकों के अनुसार अगले दिनों में और भी आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम प्रभारी ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में अधिकारियों और पत्रकार एकादश के बीच क्रिकेट मैच का आयोजन भी किया जाएगा।


