पंकज दुबे/स्वतंत्र हित
कानपुर। सरकारी अस्पतालों के नाम पर मरीजों के साथ होने वाला खेल एक बार फिर उजागर हुआ है। सोमवार को चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने के लिए किए जा रहे नियमित निरीक्षण (राउंड) के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल संजय काला ने अस्पताल परिसर में एक संदिग्ध युवक को पकड़ा, जो मरीजों को झांसा देकर प्राइवेट अस्पताल और पैथालॉजी ले जाने का काम कर रहा था।
जानकारी के अनुसार, पकड़ा गया युवक अस्पताल में लंबे समय से दलाली कर रहा था। उसका काम था—सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को बहलाकर प्राइवेट अस्पतालों और निजी पैथालॉजी में भेजना, जिसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। मरीजों की मजबूरी और अनभिज्ञता का फायदा उठाकर यह दलाल इलाज के नाम पर अपना नेटवर्क चला रहा था।
राउंड के दौरान प्रिंसिपल संजय काला को उसकी गतिविधि संदिग्ध लगी, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही उसे पकड़ लिया। पूछताछ में जब दलाली की पुष्टि हुई, तो उन्होंने बिना देर किए आरोपी को स्वरूप नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऐसे दलालों के कारण सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की छवि खराब होती है और मरीज ठगे जाते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के हितों के साथ कब तक खिलवाड़ होता रहेगा। प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


