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उरई में सीएम योगी बोले-2017 के पहले चाचा-भतीजे वसूली करते थे

जनसभा में कहा-यह सरकार दंगाइयों से नाक रगड़वाती है
दंगाई भूल गए थे किसकी सरकार है

आलम खान
के के शर्मा

जालौन,उरई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने एक दिवसीय दौरे पर गुरुवार दोपहर 3.30 बजे जालौन के उरई मुख्यालय पहुंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जालौन की धरती भगवान वेदव्यास की पावन स्थली है, जिसका पौराणिक और ऐतिहासिक दोनों ही महत्व है। कालपी ने स्वतंत्रता संग्राम के समय फिरंगियों के दांत खट्टे कर दिए थे और यहां के सेनानियों ने देश की आज़ादी में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि दिवाली से पहले इस ऐतिहासिक धरा पर आने का अवसर “सोने पर सुहागा” जैसा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कालपी के हैंडमेड कागज ने जिले को नई पहचान दी है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत सरकार ने जालौन को एक अलग पहचान देने का काम किया है। उन्होंने बाहर लगी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और उत्पादकों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने प्रदेश को ‘बीमारू’ बनाया था, आज डबल इंजन की सरकार ने उस बीमारू राज्य को समाप्त कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सरकारी नौकरी नौजवानों का अधिकार है और प्रदेश में सुरक्षा, रोजगार और विकास की नीतियों को मज़बूती से लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2017 से पहले सपा के शासन में गुंडागर्दी, भेदभाव और लूट-खसोट का बोलबाला था। “देखो, सपा का झंडा लगी गाड़ी में गुंडे बैठते थे – लोग उस गाड़ी से ही डरते थे,”
उन्होंने कहा और बताया कि तब गरीबों को राशन नहीं मिलता था, शौचालय बनवाने की व्यवस्था नहीं थी, बाढ़ राहत का काम समय से नहीं होता था और नौकरियों के अवसर भी सीमित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने साढ़े आठ लाख नौजवानों को रोजगार के अवसर दिए हैं। उन्होंने कहा, “हमने रोजगार दिया, सुरक्षा दी और गरीबों के बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित किया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में कुछ लोगों ने महापुरुषों के नाम पर बनाए स्मारक तक मिटाने की बातें कीं और सत्ता आते ही साम्प्रदायिक व जातीय विभाजन को हवा दी जाती थी।सीएम ने सोशल व राजनीतिक संकेत देते हुए आगाह किया कि जिनके पास अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है, वे जातिगत संघर्ष का मुद्दा उठाकर समाज को लड़ाने की कोशिश करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “आप उनका खेल सफल मत होने दीजिए – बाटेंगे तो काटेंगे, एक रहेंगे तो नहीं करेंगे। हमें जातिवाद के चक्कर में नहीं पड़ना है।
उन्होंने बताया कि जालौन की धरती पर यमुना, चंबल, पहुंच, कुंवारी और पांडु नदियां मिलती हैं, जो इसे पंचनद क्षेत्र बनाती हैं और इसके धार्मिक-आध्यात्मिक महत्व को दर्शाती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे ने इस क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने जालौन के लिए 1819 करोड़ रुपए की परियोजनाएं दी हैं। “अच्छी सरकार आने पर विकास, रोजगार, सुरक्षा और स्वावलंबन आता है, जबकि बुरी सरकारें समस्याएं ही बढ़ाती हैं,” उन्होंने कहा।
सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि “2017 से पहले चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली में जुटी रहती थी। त्योहारों के समय दंगे कराकर माहौल खराब किया जाता था। लेकिन अब डबल इंजन की भाजपा सरकार में दंगाइयों के सामने नतमस्तक होने के बजाय उन्हें कानून के हवाले किया जाता है।”

झांसी से जनसभा और परियोजना का लोकार्पण करने के बाद उरई पहुंचें। यहां मंच पर सीएम के साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, उरई विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूल चंद्र निरंजन, कालपी के सपा के बागी विधायक विनोद चतुर्वेदी, पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री भानु प्रताप सिंह वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉक्टर धनश्याम अनुरागी, जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा शासनकाल में अपराध, अराजकता और माफियाओं का बोलबाला था, जबकि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को विकास, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि “दंगाइयों और उन्हें प्रेरित करने वालों की जगह जेल में है, माफिया और अराजकता के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार विकास के लिए संकल्पित है। समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि सपा के लोग सत्ता में आते ही महापुरुषों के नाम पर बने स्मारकों को मिटाने की घोषणा करते थे। “2012 में उनकी सरकार बनी तो हर जिले में एक-एक माफिया पैदा कर दिया गया था,” उन्होंने कहा।
उन्होंने कहा कि सपा ने रोजगार पर डकैती डाली और बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाई। सपा के शासनकाल में अपराधियों को संरक्षण मिला, और उनके नेता ‘लड़के हैं, गलती कर देते हैं’ जैसे बयान देकर अपराधियों को बढ़ावा देते थे। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है। जो बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करेगा या किसी की जमीन पर कब्जा करेगा, उसके लिए चौराहे पर यमराज इंतजार कर रहा है।”
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास के नए पैमानों पर खरा उतर रहा है। “2017 से पहले जब यूपी का नागरिक बाहर जाता था, तो लोग सीधे मुंह बात नहीं करते थे। आज जब कोई कहता है कि वह यूपी से है, तो सामने वाले के चेहरे पर गर्व और खुशी झलकती है,” मुख्यमंत्री ने कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास के लिए जो भी योजनाएँ आती हैं, उनका सारा पैसा और संसाधन सीधे विकास में खर्च हों। “हमारा और आपका संकल्प होना चाहिए कि विकास का हर रुपया जनता के काम आए, यही हमें विकसित भारत की दिशा में ले जाएगा,” उन्होंने कहा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास-संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी राज्य सरकार ने भी ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को आगे बढ़ाया है और प्रदेश के हर नागरिक तक योजनाएँ पहुँचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से एकजुट रहने और विकास के लक्ष्य के लिए साथ देने की अपील की।21 साल बाद हो रही है इंदिरा स्टेडियम में मुख्यमंत्री की जनसभा
उरई ।
इंद्रा स्टेडियम में आखरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे मुलायम सिंह यादव की अक्टूबर 2004 में जनसभा हुई थी। जिसमें उन्होंने जालौन को करोड़ों रुपए की सौगात दी थी। इस जनसभा में उन्होंने उरई को राजकीय मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी।
लेकिन इंतजाम न काफी होने के कारण मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने उस समय नाराजगी जताई थी। जिसके बाद से स्टेडियम में कोई भी जनसभा नहीं हुई थी लेकिन 21 साल बाद फिर से जनसभा हो रही है।

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