कोर्ट ने कहा- ‘CBI का केस सिर्फ अनुमानों पर टिका था’
स्वतंत्र हित विपिन दीक्षित
नई दिल्ली | दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को भारतीय राजनीति के सबसे चर्चित ‘शराब नीति घोटाले’ में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को दोषमुक्त (बरी) कर दिया है कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि जांच एजेंसी ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रही और पूरी चार्जशीट विरोधाभासों से भरी थी
CBI के दावे बनाम कोर्ट की टिप्पणी
अदालत ने सीबीआई द्वारा पेश की गई ‘साजिश की कहानी’ को सिरे से खारिज कर दिया
सबूतों का अभाव
कोर्ट ने माना कि आबकारी नीति के निर्माण में कोई आपराधिक मंशा नहीं थी और सीबीआई का मामला न्यायिक जांच पर खरा नहीं उतरा
अनुमान पर आधारित
सीबीआई ने दावा किया था कि विजय नायर ने ‘साउथ ग्रुप’ से ₹100 करोड़ वसूले और उसमें से ₹44.5 करोड़ गोवा चुनाव में खर्च हुए। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यह सिद्धांत ठोस साक्ष्यों के बजाय मात्र अनुमान पर आधारित था
बिना आधार के नाम
केजरीवाल का नाम बिना किसी पुख्ता सबूत के जोड़ना कानून के सिद्धांतों के खिलाफ बताया गया
सिसोदिया पर कोई रिकवरी नहीं
मनीष सिसोदिया के खिलाफ न तो शामिल होने के सबूत मिले और न ही उनके पास से कोई अवैध बरामदगी हुई।
आईओ पर जांच के आदेश
कोर्ट ने जांच में खामियों को देखते हुए सीबीआई के जांच अधिकारी (IO) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं
भावुक हुए केजरीवाल
“सत्य की जीत हुई, हमने सिर्फ ईमानदारी कमाई है”
अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए अरविंद केजरीवाल फफक कर रो पड़े उन्होंने रुंधे गले से कहा, “पिछले कुछ सालों से बीजेपी हमारे ऊपर कीचड़ फेंक रही थी। आज कोर्ट ने सारे आरोप खारिज कर दिए। मैंने जिंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है और आज वह साबित हो गई” मनीष सिसोदिया ने भी संविधान और डॉ. बी.आर. अंबेडकर का आभार जताते हुए इसे सच की जीत बताया
विवाद की जड़: क्या थी ‘लीक’ हुई CAG रिपोर्ट?
इस मामले में पिछले साल लीक हुई कैग (CAG) की रिपोर्ट ने आग में घी का काम किया था
राजस्व का नुकसान
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि नई शराब नीति से दिल्ली सरकार को ₹2026 करोड़ का घाटा हुआ
नियमों की अनदेखी
आरोप था कि एक्सपर्ट पैनल के सुझावों को खारिज किया गया और तत्कालीन उपराज्यपाल (LG) की मंजूरी के बिना कई अहम फैसले लिए गए
पॉलिटिकल इम्पैक्ट
अब ED केस का क्या होगा?
अगस्त 2022 में सीबीआई की चार्जशीट के आधार पर ही ईडी (ED) ने केस दर्ज किया था। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि मुख्य सीबीआई केस ही गिर गया है, इसलिए अब ईडी का मनी लॉन्ड्रिंग मामला भी कमजोर पड़ सकता है।
नीति की शुरुआत नवंबर 2021 में केजरीवाल सरकार नई एक्साइज पॉलिसी लाई |
जांच की मांग जुलाई 2022 में LG वीके सक्सेना ने गड़बड़ी का आरोप लगा CBI जांच की मांग की |
गिरफ्तारी 21 मार्च 2024 को ED ने केजरीवाल को गिरफ्तार किया |
ऐतिहासिक राहत राउज एवेन्यू कोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को बरी किया |
2 साल तक नेताओं को प्रताड़ित किया गया, झूठा प्रोपेगेंडा फैलाया गया। आज सारे झूठों का पर्दाफाश हो गया है।” – गोपाल राय, AAP


