बैंको, बीमा कम्पनियों में जमा अनक्लेम्ड राशियों को प्राप्त करने की अपील
विपिन दीक्षित/ स्वतंत्र हित
उन्नाव। भारत सरकार वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएँ विभाग के निर्देशानुसार दावा रहित जमाराशियों को उनके वास्तविक उत्तराधिकारियों तक पहुँचाने के लिए चलाये जा रहे ”आपकी पूंजी आपका अधिकार“ अभियान के तहत शुक्रवार को विकास खण्ड सिकन्दरपुर सरोसी सभागार में जिला अग्रणी बैंक प्रबन्धक के तत्वावधान एवं जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें बैंक, बीमा, पेंशन, कोषागार से आये अधिकारियों ने आम जनमानस से बैंक की सामान्य औपचारिकताएं पूर्ण कर अनक्लेम्ड जमा एवं बीमा राशियों को प्राप्त करने की अपील की। शिविर में मुख्य विकास अधिकारी कृतिराज सहित, भारतीय रिजर्व बैंक के अधिकारी व समस्त बैंको के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ अशोक कुशवाहा ने उद्गम पोर्टल के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से आप अपनी भूली हुई जमा राशियां बैंक मात्र कुछ औपचारिकताएं पूर्ण करके प्राप्त कर सकते हैं। अब इसके लिए आपको बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, उद्गम पोर्टल आपके घर में ही आपको सारी बैंकिंग सुविधाएं मुहैया करायेगा। उप्र ग्रामीण बैंक के डीआरएम पंकज कुमार ने कहा कि यह शिविर आम जनता के लाभ के लिए आयोजित किया गया है जिसके माध्यम से आप लोग अपनी भूली हुई जमा एवं बीमा राशियो को कुछ आसान औपचारिकताएं पूर्ण कर प्राप्त कर सकते हैं। जिला विकास अधिकारी देव कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि यह सुअवसर आपके द्वार आया है, इसका लाभ अवश्य उठाईये। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक आर0के0गौतम ने बताया कि भारतीय रिज़र्व बैंक, बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण, प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड और कॉर्पाेरेट मामलों के मंत्रालय के समन्वय से यह राष्ट्रव्यापी पहल संचालित की जा रही है, जिसके तहत बैंक, बीमा कंपनियाँ, पेंशन संस्थान और म्यूचुअल फंड से संबंधित दावा-रहित धनराशियाँ नागरिकों को वापस दिलाई जाएंगी। कैंप में बैंक, बीमा, पेंशन, कोषागार और म्यूचुअल फंड से जुड़े अधिकारी एक ही स्थान पर मौजूद रहेंगे। लोग अपनी दावा-रहित राशि की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और आवश्यक क्लेम भी मौके पर प्रस्तुत कर पाएंगे। जिन खातों या वित्तीय संपत्तियों में पिछले दस वर्ष या उससे अधिक समय से कोई लेन-देन या दावा नहीं हुआ है, वे अनक्लेम्ड डिपॉजिट की श्रेणी में आते हैं। कई बार पुरानी जानकारी, दस्तावेजों की कमी या जागरूकता न होने के कारण बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, शेयर, लाभांश, पेंशन और म्यूचुअल फंड जैसी संपत्तियाँ वर्षों तक बिना दावे के पड़ी रहती हैं। कैंप में नागरिकों को अपनी इन संपत्तियों की खोज, रिकॉर्ड अपडेट कराने और दावा प्रक्रिया को पूरा करने में तत्काल मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। डीडीएम नाबार्ड सुमित कुमार ने बैंक के सीएफएल सेण्टर के विषय में जानकारी दी। संचालन वित्तीय सलाहकार बैंक आफ इण्डिया बीएन शुक्ला ने किया। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानो के कर्मचारियो ने अपने अनुभव साझा किये। इस अवसर पर एक दर्जन अनक्लेम्ड राशियांे के प्रमाणपत्र उनके स्वामियों को सौंपे गये। इस अवसर पर आरसेटी डायरेक्टर गौरव कुमार, समस्त बैंको के प्रतिनिधि, क्रिसिल फाउण्डेशन की समस्त टीम सहित सैकड़ो ग्रामीण मौजूद रहे।


