फतेहपुर की योगासन चैंपियन ने 16 देशों के खिलाड़ियों को हराकर भारत का परचम लहराया
चार बार की राज्य गोल्ड मेडलिस्ट नीतू बोलीं – मेहनत और गुरुजनों की प्रेरणा से मिली सफलता
अंजनी बाजपेई/पंकज दुबे
लखनऊ/फतेहपुर।योग की भूमि भारत ने एक बार फिर दुनिया को अपनी शक्ति का एहसास कराया है। फतेहपुर जनपद की बेटी नीतू सिंह ने छठी एशियन योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप (पिजोरा, यूएई) में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। प्रतियोगिता में 16 देशों के प्रतिभागियों को पछाड़कर नीतू ने पहला स्थान हासिल किया और भारत का नाम रोशन किया।
शनिवार को नीतू सिंह अपने पिता श जितेन्द्र सिंह के साथ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पार्टी मुख्यालय लखनऊ में मिलीं। अखिलेश यादव ने नीतू को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर प्रसिद्ध हास्य कलाकार राजीव निगम भी मौजूद रहे।
एशियन चैम्पियनशिप में शानदार जीत
नीतू सिंह का प्रदर्शन प्रतियोगिता में अद्वितीय रहा। कठिन मुकाबलों और मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के बीच नीतू ने संतुलन और आत्मविश्वास का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। 16 देशों के प्रतिभागियों को हराकर उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और भारत को गौरवान्वित किया।
इससे पहले भी नीतू चार बार राज्य स्तरीय गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी हैं। लगातार मेहनत और अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है।
अपनी सफलता पर नीतू सिंह ने कहा, “यह उपलब्धि मेरी मेहनत योगासन ने मुझे आत्मबल और अनुशासन सिखाया है। सुशील पटेल दोषी (बिंदकी) ने हर कदम हर संभव मदद की मार्गदर्शन किया और प्रोत्साहित किया।
नीतू सिंह से मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि ऐसी बेटियां पूरे प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा, “योग भारत की प्राचीन धरोहर है और जब हमारी बेटियां इसे विश्व स्तर पर पहचान दिलाती हैं, तो यह गर्व का क्षण होता है।”
परिवार का संघर्ष और समर्थन
नीतू के पिता जितेन्द्र सिंह ने बताया कि बेटी ने बचपन से ही योग में रुचि दिखाई। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने बेटी का हर संभव सहयोग किया। आज बेटी की उपलब्धि ने पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
हास्य कलाकार राजीव निगम ने दी शुभकामनाएँ
नीतू सिंह की इस उपलब्धि पर मशहूर हास्य कलाकार राजीव निगम ने भी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा, “यह केवल फतेहपुर की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की जीत है। नीतू जैसी बेटियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं। जब भारत की बेटियां अंतरराष्ट्रीय मंच पर विजय पताका फहराती हैं, तो हर भारतीय का सिर गर्व से ऊँचा हो जाता है।


