स्वतंत्र हित/संवाददाता
गौरा क्षेत्र में आयोजित गौरा क्रिकेट प्रीमियर लीग (GCPL) का फाइनल मुकाबला शगुन 11 और माइकल 11 के बीच अत्यंत रोमांचक और उत्साहपूर्ण माहौल में खेला गया। फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए शगुन 11 ने खिताब अपने नाम किया, जबकि माइकल 11 को उपविजेता संतोष करना पड़ा। मैच देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण खेल प्रेमी मौजूद रहे और पूरे मैदान में क्रिकेट का उत्सव देखने को मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधान प्रत्याशी विनीत प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह (गौरा) ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रामीण क्रिकेट टूर्नामेंट युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं। खेल न केवल शारीरिक विकास करता है, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का भी विकास करता है।
समापन समारोह में विजेता टीम शगुन 11 को मुख्य अतिथि विनीत प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह द्वारा ₹11,000 की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया। वहीं उपविजेता (रनर-अप) टीम माइकल 11 को ₹5,100 की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
व्यक्तिगत पुरस्कारों की बात करें तो
मैन ऑफ द मैच: शगुन चौहान
मैन ऑफ द सीरीज: शगुन चौहान
बेस्ट बैट्समैन: प्रियांशु
इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन की सभी ने सराहना की।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें सुरेंद्र विश्वकर्मा (विश्वकर्मा मेडिकल्स), उदित सिंह, सूरज सिंह, कौशल प्रजापति, आलोक यादव (प्रधान, मकूर), दिग्विजय सिंह, अतुल अवस्थी, जितेंद्र सिंह (लल्ला सिंह), अनिल मिश्रा, शिव प्रसाद कन्नौजिया, शशिधर तिवारी, इंद्रजीत सिंह (गौरा), मोहम्मद असगर अली, प्रमुख रूप से शामिल रहे।
टूर्नामेंट के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सहयोगी कार्यकर्ताओं में नफीस, माशूक , सचिन कन्नौजिया, युवराज, अमन कन्नौजिया, शाहरुख, नितिन और नैमिश का विशेष योगदान रहा, जिनके सहयोग से यह प्रतियोगिता सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
अंत में आयोजकों ने सभी खिलाड़ियों, दर्शकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे खेल आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की बात कही। ग्रामीण स्तर पर आयोजित यह क्रिकेट लीग युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर सामने आई।


