स्वतंत्र हित/ संवाददाता
उन्नाव। आरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार और अव्यवस्थाओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारियों के लंबे समय से अनुपस्थित रहने के कारण दर्जनों फाइलें एक-एक महीने तक लंबित पड़ी हैं। इससे दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले ग्रामीण रोज़ाना चक्कर काटने को मजबूर हैं, पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
ओवरलोड वाहनों की अवैध वसूली से लेकर मोटर ट्रेनिंग सेंटरों की मनमानी तक, भ्रष्टाचार की परतें लगातार उजागर हो रही हैं। आरोप है कि वाहन लाइसेंस 8 से 15 हजार रुपये में अवैध रूप से जारी किए जा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने पर फोन उठाना तो दूर, कई अधिकारी घंटों तक ‘स्विच ऑफ’ कर देते हैं।
रात्रि समय में ट्रक एंट्री को लेकर भी बड़े पैमाने पर अवैध वसूली का खेल चलने की बात सामने आ रही है। सवाल यह है कि इस पूरे सिस्टम में शामिल एंट्री माफिया के तार कितने बड़े हैं और कब इसका खुलासा होगा।


