फैसल खान
कदौरा जालौन।ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए एकमात्र आस बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कदौरा की व्यवस्था लगातार बदहाल होती जा रही है। सोमवार को एक बार फिर अस्पताल की हकीकत सामने आई, जब सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक ओपीडी में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं रहा। इस दौरान मरीज इलाज के इंतजार में तड़पते रहे और परिजन इधर-उधर भटकते रहे।
बरही गांव की 80 वर्षीय सावित्री देवी, जो लकवाग्रस्त होने के साथ ही गंभीर रूप से दस्त से पीड़ित थीं, एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचीं। भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन उन्हें न तो बेड मिला और न ही कोई डॉक्टर देखने आया। उनके बेटे अशोक ने बताया कि वे 15 किलोमीटर दूर से उम्मीद लेकर आए थे, मगर अस्पताल में सुबह से कोई चिकित्सक नहीं है। वार्डबॉय औपचारिकता निभाकर चले जाते हैं।
इटौरा निवासी अजुद्धी भी सुबह से डॉक्टर का इंतजार करते रहे। वहीं बालीदीन (48) को कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन एंटी-रेबीज इंजेक्शन तक नहीं लग पाया। उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। बसरेही निवासी हरिसिंह (35) और मातादीन (80) समेत कई अन्य मरीज भी पर्ची लेकर घंटों ओपीडी के बाहर बैठे रहे, पर किसी को इलाज नहीं मिला। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह हालात अब आम हो चुके हैं। डॉक्टर अक्सर देर से आते हैं या गैरहाजिर रहते हैं, जबकि अधीक्षक भी ज्यादातर समय अस्पताल से नदारद रहते हैं।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि समस्या की जानकारी प्राप्त हुई है। अस्पताल की व्यवस्थाओं की औचक जांच कराई जाएगी और लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।
वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. विनोद कुमार ने सफाई देते हुए कहा कि वे उरई में मीटिंग में हैं, अस्पताल में अन्य डॉक्टर मौजूद होंगे, जिनसे तत्काल जानकारी ली जा रही है।


