ब्यूरो रिपोर्ट स्वतंत्र हित
पंकज दुबे
कानपुर। शहर की सियासत और अपराध जगत को हिला देने वाली बड़ी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने आखिरकार बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री और चर्चित अधिवक्ता अरिदमन सिंह को धर दबोचा। कानपुर का कुख्यात नाम माने जाने वाले और दिनू उपाध्याय सिंडिकेट से जुड़े इस अधिवक्ता को नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि वह नेपाल के रास्ते विदेश भागने की फिराक में था।
सूत्रों के मुताबिक, अरिदमन सिंह लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था। 50 हज़ार का इनामी यह वकील लिवर सिरोसिस की बीमारी का हवाला देकर कानून से बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन उसके लगातार बढ़ते अपराधों और सिंडिकेट से जुड़ाव ने पुलिस को शिकंजा कसने पर मजबूर कर दिया।
सरकारी जमीन की लूट और भूमाफिया से गहरे रिश्ते
अरिदमन सिंह पर आरोप है कि वह अपने ससुर राम प्रताप सिंह समेत गैंग के अन्य लोगों के साथ मिलकर आवास विकास व कानपुर प्राधिकरण की सरकारी जमीनों की फर्जी खरीद-फरोख्त में लिप्त था।
यशोदानगर निवासी कुंवर बाजार सिंह राजावत की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया।
बर्रा छह हरी मस्जिद निवासी कासिम राजा ने भी हरदमन, उसके ससुर और 14 लोगों पर रिपोर्ट लिखवाई।
जमीन हड़पने का तरीका भी खौफनाक
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने रसूख और वकालत की आड़ में गरीबों की जमीनें हड़पने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेचने का धंधा करता था। खासकर मछरिया इलाके की सरकारी जमीन को हड़पकर मोटा मुनाफा कमाने की शिकायतें सामने आई थीं।
गिरफ्तारी से कानपुर बार में हलचल
बार एसोसिएशन का पूर्व मंत्री होने के चलते उसकी गिरफ्तारी ने कानपुर के वकील समाज में भूचाल मचा दिया है। अपराध के इस काले खेल में कानून के रक्षक का ही शामिल होना न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को अब शहर की सबसे बड़ी एंटी-माफिया सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।


