Breaking News
July 22, 2026 4:59 am
News
उन्नाव के एआरटीओ दफ्तर में फर्जीवाड़े का ‘बम…नो वेंडिंग जोन से हटाए गए 19 पथ विक्रेता,पालिका ने वेंडिंग जोन में किया प्रतिस्थापिततेज रफ्तार टैक्टर ने कार में मारी टक्कर, दो युवक गंभीर रूप से घायलसिकंदरपुर में महाराणा प्रताप की स्मृति में निकाली गई भव्य विशाल रैली, उमड़ा जनसैलाबएक करोड़ 27 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, मुंबई से आरोपी गिरफ्तारबेला थाना परिसर में बकरीद को लेकर पीस कमेटी की बैठक संपन्नअवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में पुलिस को बड़ी सफलता, दो और आरोपी गिरफ्तारकानपुर में ‘न्याय बंद, अत्याचार चालू’…?नशे में धुत चालक की रफ्तार का कहर:जाम और अतिक्रमण की शिकायत पर एसडीएम ने किया निरीक्षण

न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है मृतक किशोर का पिता

आलम खान
विशाल अहमद कैफ़ी

डीएम से लगाई न्याय की गुहार, बोले डीएम जांच के बाद बक्से नहीं जाएंगे दोषी

मृतक किशोर के लिए इंसाफ मांगता पिता और परिवार

जालौन,कोंच। कोंच के वात्सल्य अस्पताल में डाक्टर की लापरवाही से इलाज दौरान 11 वर्षीय किशोर की मौत के पांच दिन बीतने पर भी एक पिता और मां को इंसाफ नहीं मिला। न्याय के लिए दर-दर भटक रहा पिता डीएम की चौखट पर पहुंचा तो उसे जिलाधिकारी ने जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कोंच कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गांधीनगर में 15 जुलाई को प्राइवेट डॉक्टर की लापरवाही से हुई मासूम की मौत के मामले में फिर दर्ज न होने से परिजन न्याय की आस में दर-दर भटकने को मजबूत है, वहीं रविवार की सुबह करीब 11बजे जब हिन्दुस्तान टीम ने घर पहुंच कर जानकारी हासिल की तो परिजनों ने बताया कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई,11 वर्षीय मासूम विवेक की मौत डॉक्टर की कथित लापरवाही की वजह से हो गई थी वहीं विवेक की मां भारतीय रोते हुए कह रही थी कि अगर डॉक्टर ने दरवाजा खोल दिया होता तो आज मेरा बेटा जिंदा होता और वह वकील बनना चाहता था लेकिन डॉक्टर ने मेरी दुनिया छीन ली। दरअसल बीती 14 जुलाई की शाम पेट दर्द की शिकायत पर नगर के प्राइवेट अस्पताल वात्सल्य में परिजनों ने 11 वर्षीय विवेक को इलाज के लिए भर्ती कराया था, वही इलाज के बाद डॉक्टर उपेंद्र निरंजन ने इंजेक्शन देकर और दवा देकर घर भेज दिया था, वही रात में विवेक की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा था, इसके बाद परिजन उसे इस प्राइवेट क्लीनिक पर लेकर पहुंचे थे लेकिन इस बार डॉक्टर ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया था परिजन काफी देर तक दरवाजा खटखटाते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परिजन 11 वर्षीय विवेक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे जहां डॉक्टरों ने उसे मर्द घोषित कर दिया था, वही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि विवेक की मौत तरल पदार्थ श्वसन नली में फंसने से हुई। फिलहाल परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते इलाज मिल गया होता तो विवेक की जान बच सकती थी। परिजनों ने कोतवाली में लिखित शिकायत दी थी लेकिन अभी तक और डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई और डॉक्टर के कुछ परिचित लोग लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं फिलहाल मृतक विवेक के पिता रामू मां भारती और दादा पंचम न्याय की उम्मीद में खाने के चक्कर काट रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग इस पूरे मामले की जांच करने में जुटा हुआ है मामले में सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद का कहना है कि सीएमओ की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • Related Posts

    उन्नाव के एआरटीओ दफ्तर में फर्जीवाड़े का ‘बम…

    निष्कासित कर्मचारी के आरोपों से मचा हड़कंप.. स्वतंत्र हित/संवाददाता उन्नाव। अगर एक निष्कासित कर्मचारी के आरोपों में जरा भी सच्चाई है तो उन्नाव का एआरटीओ कार्यालय केवल ड्राइविंग लाइसेंस जारी…

    नो वेंडिंग जोन से हटाए गए 19 पथ विक्रेता,पालिका ने वेंडिंग जोन में किया प्रतिस्थापित

      स्वतंत्र हित संवाददाता मो०बारिश कन्नौज/गुरसहायगंज /शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की पालिका…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *