स्वतंत्र हित/ संवाददाता
नई दिल्ली। गुटखा और पान मसाला उद्योग पर सरकार अब बड़ी कार्रवाई के मूड में नज़र आ रही है। शीतकालीन सत्र (विंटर सेशन) में केंद्र सरकार इस क्षेत्र पर कड़ी निगरानी और नियमों को सख्त करने के लिए विशेष प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। स्वास्थ्य मंत्रालय और उपभोक्ता मामलों के विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया जा रहा है, जिसमें बताया गया है कि बाजार में बिकने वाले कई उत्पाद स्वास्थ्य मानकों पर खरे नहीं उतरते।
सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित बिल में उत्पादन इकाइयों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, संदेहास्पद ब्रांडों पर त्वरित कार्रवाई, पैकेटिंग में पारदर्शिता और टैक्स चोरी रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं। साथ ही, स्वास्थ्य चेतावनी को और प्रमुख स्थान देने और अवैध बिक्री पर भारी जुर्माना लगाने की तैयारी भी है।
सरकार का मानना है कि गुटखा–पान मसाला से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान और राजस्व हानि दोनों पर एक साथ रोक लगाना जरूरी है। अगर यह बिल पास होता है, तो इंडस्ट्री के लिए नए नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह कदम आने वाले समय में इस उद्योग की दिशा और सरकार की स्वास्थ्य नीति दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।


