स्वतंत्र हित/संवाददाता
कानपुर। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह अस्त-व्यस्त दिखाई दे रही है। सड़क पर निकलने वाला हर व्यक्ति इस बात से अनजान रहता है कि कब और कहाँ जाम लग जाए। परिणामस्वरूप रोज़ाना घंटों जाम में फंसे रहने की मजबूरी आम जनता को परेशान कर रही है।
भीषण जाम से कराह उठा शहर
प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद सचांन चौराहा सहित अधिकांश व्यस्त मार्गों पर शाम होते ही जाम की भारी स्थिति देखने को मिल रही है। रात 8 बजे के बाद तो हालात और बिगड़ जाते हैं, जब वाहनों की लंबी कतारें पूरे मार्ग को जाम में तब्दील कर देती हैं।
शादी सीजन ने बढ़ाई मुसीबत
इन दिनों चल रहे शादी सीजन ने ट्रैफिक समस्या को और विकराल बना दिया है। गेस्ट हाउस संचालकों द्वारा फुटपाथ और सड़कों के हिस्से पर कब्जा कर पार्किंग बनाई जा रही है, जिससे यातायात बेहद प्रभावित हो रहा है। नगर निगम की चुप्पी पर नागरिक सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि पैदल चलने वालों को सड़क पर उतरकर चलना पड़ रहा है।
जिम्मेदारों की नदारदी से बढ़ती अव्यवस्था
सबसे बड़ी समस्या यह है कि जाम के दौरान टी-मार्केट्स और चौराहों पर ट्रैफिक कर्मी नदारद रहते हैं, न रूट डायवर्जन मिलता है और न सहायता। नतीजा—बदइंतज़ामी और जनता की बढ़ती परेशानी।
कानपुर की जनता प्रशासन से तुरंत ठोस कदम उठाने और प्रभावी ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की मांग कर रही है, ताकि शहर को जाम मुक्ति मिल सके।


