स्वतंत्र हित/राजेंद्र तिवारी
लखनऊ। सेंट पॉल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय पूर्व छात्र पुनर्मिलन कार्यक्रम ने पुराने साथियों को एक बार फिर उसी उत्साह और ऊर्जा से जोड़ दिया, जैसे वे अपने छात्र जीवन में जुड़े थे। सेंट पॉल एलुमनाई एसोसिएशन (एसपीएएएल) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम “बचपन से पचपन” थीम पर आधारित रहा, जिसका उद्देश्य संस्थान की पुरानी विरासत, मित्रता और मूल्यों को फिर से जीवित करना था।
पहले दिन की शुरुआत शिक्षक सम्मान समारोह से हुई। एसोसिएशन ने अपने शिक्षकों और पुराने साथी बैचमेट्स को प्रेम और आदर के प्रतीक के रूप में पास प्रायोजित किए। इसके बाद हुआ पूर्व छात्रों का भव्य मार्च पास्ट, जिसने माहौल को भावनाओं और गर्व से भर दिया। कॉलेज के गलियारों में गूंजती पुराने दिनों की यादें हर किसी की आँखों में चमक लेकर आईं।
दूसरे दिन सामुदायिक निर्माण सत्र में पूर्व छात्रों ने आपसी सहयोग, नेटवर्किंग और अपने अल्मा मेटर के साथ संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। कई पूर्व छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए, वहीं आने वाले समय में सहयोगात्मक गतिविधियों की योजनाएँ भी बनीं।
एसपीएएएल के अध्यक्ष ने कहा, “‘बचपन से पचपन’ केवल थीम नहीं, बल्कि उन भावनाओं की पुनर्स्मृति है जिन्हें हम सबने सेंट पॉल कॉलेज में जिया। हमारा उद्देश्य नई पीढ़ी को भी इस परंपरा और अनुभव से जोड़ना है।”
यह कार्यक्रम अवध शिल्प ग्राम, लखनऊ में हुआ, जहाँ 100 से अधिक पूर्व छात्र शामिल हुए। मौके पर एक स्मृति पुस्तक भी लॉन्च की गई, जिसमें पुराने दिनों की तस्वीरें, अनुभव और संदेश संग्रहित हैं।


