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भोकली प्रधान नहीं मानते जिलाधिकारी का फरमान

DM ने पत्र जारी किया फिर भी नहीं खाली कराया जा सका पुस्तकालय

प्रधान ने पुस्तकालय पर बना रक्खा है आलीशान मकान

नवाबगंज उन्नाव।यूपी की एक ऐसी सरकार जिसका दावा रहता है कि यूपी में कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में बक्सा नहीं जाएगा उन पर बुलडोजर वाली कार्यवाही भी की जाएगी
पर उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक के चमरौली प्रधान ने कुछ ऐसा कारनामा कर दिया जो अपनी ही सरकार को कटघरे में कड़ा कर दिया

प्रधान का कारनामा क्या है अब वो भी जान लेते हैं

विकासखंड नवाबगंज के चमरौली ग्राम सभा के समर बहादुर वर्मा ने 2011 में पहली बार प्रधान बने उसके बाद से अब तक उनका ये तीसरा कार्यकाल है लगातार तीन बार ग्राम सभा का प्रतिनिधित्व किया है उसी के बलबूते चमरौली के प्रधान ने पाली और चमरौली की सरहदी सीमा पर 2003 में उस समय के सांसद दीपक कुमार की के निधि से लोगों के लिए 1लाख 82 हजार की लागत से रानी अवंती बाई लोधी के नाम से पुस्तकालय का निर्माण हुआ था पुस्तकालय एक मंजिला इमारत में बनी थी उसी पर मौजूदा प्रधान समर बहादुर वर्मा ने पुस्तकालय को आलीशान भवन में तब्दील कर पिछले कई वर्षों से निवास रहे है

Dm से शिकायत के बाद कार्यवाही शुरू हुई

लोगों के द्वारा जिलाधिकारी को लिखित रूप से एक शिकायती पत्र दिया गया जिसमें जिक्र किया गया कि
चमरौली के प्रधान द्वारा पुस्तकालय पर कब्जा कर रह रहे है शिकायत के बाद डीएम ने तीन सदस्य टीम गठित कर जांच करने का आदेश दिया जांच करने आई टीम में खंड विकास अधिकारी तहसीलदार
और स्थानीय लेखपाल सम्मिलित हुए जांच टीम अपनी रिपोर्ट में यह बताया कि पुस्तकालय पर ही प्रधान का मकान बना हुआ है रिपोर्ट आने के बाद जांच और तेज हो गई बीते 11 मार्च को जिलाधिकारी ने एक आदेश पत्र जारी किया कि सात दिवस के अंदर उप जिलाधिकारी हसनगंज विधिक कार्यवाही कर पुस्तकालय को कब्जा मुक्त कराया

अब यहीं शुरू हुआ भेदभाव का खेल

अगर मौजूदा प्रधान किसी अन्य धर्म जाति या राजनीतिक दल से नाता रखता तो अब तक सरकारी पुस्तकालय को पल भर में ही खाली कर लिया जाता ऐसा भी हो सकता था कि स्वयं जिला अधिकारी को ही खाली करने की कमान संभालती पड़ती पर यहां रिश्ता कुछ और ही है
जिलाधिकारी द्वारा आदेश दिए जाने के बाद भी कई रोज गुजर चुके हैं

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