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नए UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, CJI सूर्यकांत ने उठाए गंभीर सवाल

संवाददाता/सुशील निगम 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने नियमों को लेकर केंद्र सरकार से कई अहम सवाल किए और शैक्षणिक संस्थानों में सामाजिक एकता बनाए रखने पर जोर दिया।

CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि देश अब तक जातिविहीन समाज की दिशा में आगे बढ़ा है, ऐसे में यह चिंता का विषय है कि क्या नए नियम समाज को फिर से विभाजन की ओर ले जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक संस्थान केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के प्रतीक भी होने चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने SC/ST छात्रों के लिए अलग हॉस्टल जैसी व्यवस्थाओं पर भी आपत्ति जताई और कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं से अलगाव की भावना को बढ़ावा मिल सकता है। CJI ने यह भी कहा कि आरक्षित वर्गों के भीतर भी सामाजिक और आर्थिक स्थिति में बड़ा अंतर है—कुछ लोग आज संपन्न हो चुके हैं, जबकि कुछ अन्य वर्ग अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।

उधर, UGC के नए नियमों को लेकर देशभर में सवर्ण जाति के छात्रों और आम नागरिकों के बीच विरोध प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ये नियम शिक्षा व्यवस्था में समानता की बजाय विभाजन को बढ़ावा दे सकते हैं और इससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित होगा।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की रोक के चलते नए UGC नियमों पर अमल स्थगित रहेगा। अदालत ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले पर विस्तृत जवाब दाखिल करने को कहा है। अब मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि ये नियम संविधान की भावना और सामाजिक संतुलन के अनुरूप हैं या नहीं।

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